NCR Updates Delhi Noida Ghaziabad Gurugram Faridabad Meerut

Why? Ganesh Chaturthi | कारण, महत्व, पूजा विधि और FAQs

Published On: August 27, 2025 9:05 AM
Ganesh Chaturthi
क्यों मनाते हैं गणेश चतुर्थी? कारण, महत्व, पूजा विधि और FAQs

क्यों मनाते हैं गणेश चतुर्थी? कारण, महत्व, पूजा विधि और FAQs

Last Updated: 27 August 2025 • Adarsh Rao

गणेश चतुर्थी उत्सव में सजाया गया गणपति बप्पा
गणपति बप्पा मोरया! गणेश चतुर्थी का पर्व आस्था और उल्लास का प्रतीक है।

यह लेख पढ़ने से पहले आप गणेश चतुर्थी मुहूर्त और ईको-फ्रेंडली गणेश पर भी नज़र डालें।

सामग्री सूची

  1. गणेश चतुर्थी क्या है?
  2. क्यों मनाते हैं—धार्मिक और ऐतिहासिक कारण
  3. पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
  4. भक्तों के लिए उपयोगी टिप्स
  5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गणेश चतुर्थी क्या है?

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के प्रकट होने का पर्व है। उन्हें विघ्नहर्ता और सिद्धि विनायक माना जाता है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से प्रारंभ होकर अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है।

क्यों मनाते हैं—धार्मिक और ऐतिहासिक कारण

  • धार्मिक मान्यता: इसी तिथि को गणेश जी का जन्म माना जाता है, इसलिए उन्हें प्रथम पूज्य देव के रूप में सम्मान दिया जाता है।
  • विघ्नों का निवारण: श्रद्धापूर्वक पूजा से जीवन की बाधाएँ दूर होने और कार्य सिद्धि मिलने का विश्वास है।
  • सामाजिक एकता: लोकमान्य तिलक ने इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप देकर समाज में एकता और सांस्कृतिक जागरण को बढ़ावा दिया।

पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. स्थापना: ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति को स्वच्छ एवं पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
  2. संकल्प: दीप प्रज्वलित कर संकल्प लें और गणेश मंत्र का जप करें।
  3. आवाहन व पूजा: अक्षत, दुर्वा, पुष्प, मोदक और पंचामृत से पूजा करें।
  4. आरती: गणेश आरती करें और प्रसाद बांटें।
  5. विसर्जन: अनंत चतुर्दशी पर पर्यावरण-अनुकूल विधि से विसर्जन करें।

भक्तों के लिए उपयोगी टिप्स

घर की सजावट में सरल और प्राकृतिक सामग्री का प्रयोग करें, शोर-रहित ढंग से उत्सव मनाएँ, और प्लास्टर-ऑफ-पेरिस की जगह मिट्टी की मूर्ति का चयन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?

गणेश जी के जन्मोत्सव और विघ्नों के निवारण के प्रतीक के रूप में यह पर्व मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी कितने दिन चलती है?

आमतौर पर 10 दिन—चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक।

विसर्जन पर्यावरण-अनुकूल कैसे करें?

मिट्टी की मूर्ति, प्राकृतिक रंगों और निर्धारित विसर्जन टैंक्स का उपयोग करें।

NCR Adarsh

ncradarsh

Times of NCR (India)

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Join Instagram

Join Now

Leave a Comment

Discover more from Times of NCR

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading