
शिंगल्स कोई नई बीमारी नहीं है, बल्कि यह उसी वायरस का दोबारा सक्रिय होना है जो चिकनपॉक्स (चेचक) का कारण बनता है। इस वायरस को वैरीसेला-जोस्टर वायरस कहा जाता है। अगर आपको कभी बचपन या जीवन में चिकनपॉक्स हुआ है, तो यह वायरस पूरी तरह खत्म नहीं होता। यह शरीर के नर्व टिश्यू यानी नसों के पास, खासकर दिमाग और रीढ़ की हड्डी के आसपास, सालों तक छिपा रहता है। इसे डॉर्मेंट यानी निष्क्रिय अवस्था कहा जाता है।



