अशोक खरात केस में बड़ा राजनीतिक झटका: Resignation of Women Commission Chairperson Rupali Chakankar
Updated: April 2026 | By News Desk

मुंबई: नासिक के चर्चित अशोक खरात मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कथित फर्जी बाबा अशोक खरात के साथ उनके संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
🔴 इस्तीफे के पीछे क्या वजह?
रुपाली चाकणकर ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने इस्तीफे में “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला दिया है। हालांकि, हाल के दिनों में अशोक खरात से जुड़ी तस्वीरें और विवाद सामने आने के बाद उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई थी।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि 15 अक्टूबर 2024 को उन्हें महिला आयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और अब वह स्वेच्छा से इस पद को छोड़ रही हैं। साथ ही उन्होंने सरकार और सहयोगियों का आभार भी व्यक्त किया।
📸 सामने आईं तस्वीरें और सबूत
जांच के दौरान अशोक खरात के कई नेताओं के साथ संबंधों की तस्वीरें सामने आई हैं। इसके अलावा पुलिस को कुछ आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री भी मिली है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
- कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मामले की SIT जांच की मांग की है
- उन्होंने कहा कि जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ महिला अधिकारी को दी जानी चाहिए
- विपक्षी नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया
⚠️ विवादित दावे भी सामने आए
कुछ नेताओं द्वारा इस मामले में चौंकाने वाले दावे भी किए गए हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें सावधानी से देखा जा रहा है।
👮 क्या है पूरा मामला?
अशोक खरात को 18 मार्च को एक महिला के साथ लंबे समय तक कथित यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह खुद को बाबा बताकर लोगों को प्रभावित करता था और खासतौर पर कमजोर वर्ग की महिलाओं को निशाना बनाता था।
इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सरकार की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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