Delhi-NCR के नेता अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर PM मोदी से मांगा जवाब
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने देशभर में लागू किए गए E20 इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों की माइलेज घटती है या इंजन-फ्यूल सिस्टम को नुकसान होता है, तो इसका हर्जाना कौन भरेगा — सरकार या कंपनियां।
ओनर मैनुअल का हवाला देकर कंपनियों पर झूठ बोलने का आरोप
Kejriwal के अनुसार, 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar, Hero MotoCorp, Hyundai Motor, Bajaj Auto और TVS Motor कंपनी — इन छह प्रमुख कंपनियों को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता को यह भरोसा दिलाने को कहा कि E20 पेट्रोल हर तरह के वाहन के लिए सुरक्षित है। उन्होंने दावा किया कि इनमें से तीन कंपनियों — मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प — ने सार्वजनिक रूप से यह बात मान ली, जबकि इनके अपने वाहन ओनर मैनुअल में साफ लिखा है कि 10% से अधिक इथेनॉल मिश्रण की सिफारिश नहीं की जाती।

केजरीवाल ने कहा कि Toyota और Maruti के आधिकारिक मैनुअल में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि अगर 10% इथेनॉल मिश्रण पर भी वाहन की परफॉर्मेंस या माइलेज प्रभावित हो, तो बिना अल्कोहल वाला शुद्ध पेट्रोल इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। उनके अनुसार, कंपनियों का सार्वजनिक बयान अपने ही दस्तावेज़ों के विपरीत है।
3 करोड़ वाहन जोखिम में होने का दावा
केजरीवाल ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि देश में करीब 22 करोड़ मोटरसाइकिलें और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20-कम्पैटिबल नहीं हैं, जिससे करीब 3 करोड़ वाहन जोखिम में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 — तीनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उपभोक्ता अपनी गाड़ी के अनुसार चुनाव कर सकें।
ब्राज़ील, जापान जैसे देशों से तुलना
उन्होंने कहा कि भारत में E20 को बेहद कम समय में लागू किया गया, जबकि ब्राज़ील ने इसी तरह के ट्रांजिशन में करीब 50 साल लिए और जापान अभी भी E3 स्तर पर है। भारत में फरवरी 2023 में केवल 1,900 पेट्रोल पंपों पर ट्रायल आधार पर E20 शुरू हुआ था, जो अप्रैल 2026 तक देशभर के करीब 90,000 पंपों पर अनिवार्य कर दिया गया।
अब आगे क्या?
केजरीवाल ने कहा कि वे संबंधित वाहन कंपनियों और प्रधानमंत्री को औपचारिक पत्र लिखकर लिखित स्पष्टीकरण मांगेंगे कि माइलेज घटने या इंजन क्षति की स्थिति में मुआवजा कौन देगा।
नोट: यह खबर अरविंद केजरीवाल के एक सार्वजनिक बयान/वीडियो पर आधारित है। तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से की जानी चाहिए।











