
यह वैक्सीन रूस के ही एक मरीज को दी गई है। मरीज की उम्र करीब 60 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से मरीज की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह टीका एक शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल (Early-stage clinical rollout) का हिस्सा है। कुछ समय बाद अन्य मरीजों को भी इस परीक्षण में शामिल करने की योजना है।



