मारबर्ग वायरस एक खतरनाक हैमरेजिक फीवर (खून से जुड़ी गंभीर बीमारी) फैलाने वाला वायरस है, जो फ्रूट बैट्स (फलों पर रहने वाली चमगादड़) से इंसानों में फैलता है। यह वायरस पहली बार उन लोगों में पाया गया था जो गुफाओं और खदानों में चमगादड़ों के संपर्क में आए थे। एक बार इंसान संक्रमित हो जाए, तो यह बीमारी शरीर के तरल पदार्थों के जरिए दूसरों में फैलती है, जैसे पसीना, खून, उल्टी, लार आदि। इसलिए मरीज के नजदीक रहने वाले लोग जैसे डॉक्टर, नर्स, परिवार के सदस्य या अंतिम संस्कार की तैयारी करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं।



