
जब ये कण शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे ब्लड वेसल्स (रक्त नलिकाएं) और इम्यून सेल्स तक पहुंचते हैं, तो वहां की कोशिकाएं भी वायरस के लिए खुल जाती हैं। इसका मतलब है कि जो कोशिकाएं पहले कोरोना से सुरक्षित थीं, वे भी संक्रमित हो सकती हैं। यही वजह है कि कई गंभीर मरीजों में पूरे शरीर में सूजन (inflammation), खून के थक्के (clots) और कई अंगों को नुकसान (organ damage) देखने को मिलता है।



