अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स (UFPs) इतने छोटे होते हैं कि नाक उन्हें रोक ही नहीं पाती। ये 100 नैनोमीटर से भी छोटे होते हैं और सांस के साथ सीधे फेफड़ों में, फिर खून तक पहुंच सकते हैं। बच्चों के लिए ये ज्यादा खतरनाक हैं, क्योंकि उनकी सांस की नलियां छोटी होती हैं और कण ज्यादा देर तक अंदर रह जाते हैं। स्टडी में इन कणों के साथ कॉपर, आयरन, एल्युमिनियम, सिल्वर और टाइटेनियम जैसे भारी धातु भी पाए गए। माना जा रहा है कि ये धातुएं गैजेट्स के हीटिंग कॉइल और मोटर से निकलती हैं। शरीर में पहुंचने पर ये सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और लंबे समय में दिल व दिमाग पर असर डाल सकती हैं।



