
जब शरीर का वजन जरूरत से ज्यादा हो जाता है, तो दिल को पूरे शरीर में खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार, लगातार ज्यादा काम करने से दिल की मांसपेशी मोटी हो सकती है और धमनियां (आर्टरीज) सख्त हो सकती हैं। इससे हाइपरटेंशन यानी हाइ ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा अक्सर इंसुलिन रेसिस्टेंस से जुड़ा होता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है। इसके अलावा, पेट का एक्स्ट्रा फैट सूजन और रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसेल्स) की लाइन को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लड में प्लाक का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि ज्यादा वजन लंबे समय तक दिल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।



