मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत आरोग्य कर्नाटक योजना (एबी-एआरके) के तहत कुल 1.43 करोड़ परिवारों को लाभ दिया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार केवल 69 लाख परिवारों के लिए सहायता प्रदान करती है। यदि सरकार औसतन 2,000 रुपए खर्च करती है तो केंद्र सरकार उसमें से मात्र 1,000 रुपए देती है, जबकि भारी हिस्सा राज्य सरकार को वहन करना पड़ता है।



