सौरभ जोशी का बड़ा दावा: E20 पेट्रोल से मर्सिडीज का माइलेज 17 से घटकर 5 किमी, सोशल मीडिया पर बवाल
नई दिल्ली: देश के नंबर-1 व्लॉगर सौरभ जोशी (Sourav Joshi) ने E20 एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने अपने यूट्यूबर वीडियो में आरोप लगाया कि इस ईंधन के इस्तेमाल से उनकी लग्जरी मर्सिडीज कार का माइलेज (Mileage) 17 किलोमीटर प्रति लीटर से घटकर मात्र 5 किलोमीटर प्रति लीटर रह गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर जमकर बहस छिड़ गई है और कार मालिकों में चिंता का माहौल है।
“कल हमने आपको दिखाया कि हमारी कार का माइलेज 17 से सीधे 9 किमी पर आ गया। और आज यह घटकर 5 किमी पर पहुंच गया है। यह सब इथेनॉल (Ethanol) की वजह से हुआ है,” सौरभ जोशी ने वायरल वीडियो में कहा।
48 घंटों में माइलेज में भारी गिरावट
सौरभ जोशी, जो उत्तराखंड के हल्द्वानी से अपना व्लॉग संचालित करते हैं, ने बताया कि मात्र 48 घंटों के भीतर ही उनकी कार के माइलेज में जबरदस्त गिरावट आई है। उन्होंने डैशबोर्ड मीटर दिखाते हुए कहा कि पहले जहां पूरे टैंक पर गाड़ी 800 किलोमीटर का रेंज देती थी, वहीं अब यह घटकर महज 480 किलोमीटर रह गई है। उन्होंने इसके लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले E20 ईंधन को जिम्मेदार ठहराया।
Now Sourav Joshi claims his Mercedes mileage dropped from 16-17 km/L to 5 km/L
महंगी गाड़ी के खराब होने का डर
सौरभ जोशी ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें अब पेट्रोल डलवाने में डर लगता है। उन्होंने आशंका जताई कि E20 पेट्रोल के कारण उनकी जर्मन SUV के इंजन (Engine) को नुकसान हो सकता है और अगर कार खराब हुई तो उसे हल्द्वानी से दिल्ली भेजना पड़ेगा, जिसमें भारी खर्चा आएगा। इसी डर के चलते उन्होंने इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) खरीदने की बात भी कही।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, केजरीवाल ने भी उठाए सवाल
सौरभ जोशी के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर आम कार चालकों ने भी अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए हैं। कई यूजर्स ने ईंधन दक्षता (Fuel Efficiency) में गिरावट की पुष्टि की है। वहीं, पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि E20 पेट्रोल के कारण वाहन मालिकों को परेशानी हो रही है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
गडकरी ने माना माइलेज पर असर, लेकिन किया खारिज
इस बढ़ती बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू (Calorific Value) कम होने के कारण इसका माइलेज पर मामूली असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचता है और इसे सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा एक ‘फर्जी नैरेटिव’ (False Narrative) करार दिया।
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जाता है। सरकार का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और पर्यावरण प्रदूषण (Carbon Emissions) को घटाना है। हालांकि, पुराने वाहनों (Pre-2023 मॉडल) में इस ईंधन के इस्तेमाल को लेकर हमेशा से बहस रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- सरकार का दावा: E20 से माइलेज में 3-5% की मामूली कमी आ सकती है।
- ऑटोमोटिव रिसर्च (ARAI) का अनुमान: 1-6% की गिरावट हो सकती है।
- कार निर्माताओं का अनुमान: 7-8% तक माइलेज घट सकता है।
- LocalCircles की रिपोर्ट: 80% पेट्रोल वाहन मालिकों ने माइलेज में गिरावट बताई है।
हालांकि, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के CEO संतोष अय्यर का कहना है कि उनकी 2020 के बाद की सभी गाड़ियां E20 के लिए इंजीनियर हैं और समस्या पेट्रोल में मिलावट (Adulteration) के कारण हो सकती है। फिलहाल, सौरभ जोशी के इस दावे ने E20 पेट्रोल बहस को और गरमा दिया है और अब सभी की निगाहें इस मामले पर सरकार और तेल कंपनियों के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।
यह खबर Hindustan Times, LatestLY Hindi और Mathrubhumi जैसी विभिन्न समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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