🇮🇳 भारत की नई श्रम संहिताएँ 2026
(4 Labour Codes)
महिला सुरक्षा, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी – उत्तर प्रदेश के कार्यान्वयन पर विशेष दृष्टि
⚡ केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को चार नई संहिताओं (Labour Codes) में समेकित कर दिया है – वेतन संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थिति संहिता। ये सुधार श्रमिक सुरक्षा बढ़ाने, नियमों को आधुनिक बनाने और कारोबारी सहूलियत (ease of doing business) सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं। राज्य सरकारों ने अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इन केंद्रीय संहिताओं को राज्य स्तर पर अधिनियमित किया है। इस लेख में हम महिलाओं की रात्रि पाली, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं – विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में लागू नियमों के संदर्भ में।
✅ लागू हो चुके प्रमुख बदलाव (मार्च 2026 तक – UP के संदर्भ में)
| प्रावधान | स्थिति एवं मुख्य विवरण (उत्तर प्रदेश) |
|---|---|
| महिलाओं की रात्रि पाली | दिसंबर 2025 में पारित। महिलाएँ रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकती हैं। अनिवार्य शर्तें : लिखित सहमति, दोगुना वेतन, सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड और परिवहन। |
| ग्रेच्युटी (1 वर्ष) | निश्चित अवधि (fixed‑term) के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी हेतु केवल 1 वर्ष की निरंतर सेवा पर्याप्त। (पहले 5 वर्ष अनिवार्य थे) |
| नियुक्ति पत्र अनिवार्य | सभी नियोक्ताओं को हर कर्मचारी को लिखित नियुक्ति पत्र देना होगा, जिसमें पद, वेतन, अवधि आदि स्पष्ट हों। |
⏳ ओवरटाइम नियम : अंतिम चरण में (प्रारूप जारी – UP)
ओवरटाइम से जुड़े विस्तृत नियम वर्तमान में ड्राफ्ट स्टेज में हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 मार्च 2026 को ड्राफ्ट उत्तर प्रदेश वेतन संहिता नियमावली, 2026 जारी की। यह प्रारूप अभी राजपत्र में अधिसूचित नहीं हुआ है, लेकिन इससे स्पष्ट है कि ओवरटाइम की सीमाएँ बढ़ाई जा रही हैं तथा दोगुना वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
📊 ओवरटाइम की तुलना : पुरानी व्यवस्था बनाम नया प्रस्ताव (UP)
| मापदंड | पुराना नियम (फैक्ट्री अधिनियम / पूर्व व्यवस्था) | नया प्रस्तावित नियम (ड्राफ्ट कोड ऑन वेजेज, 2026 – UP) |
|---|---|---|
| अधिकतम ओवरटाइम (तिमाही) | 50‑75 घंटे | 144 घंटे |
| दैनिक सीमा (ओवरटाइम सहित) | 9‑10 घंटे | 11 घंटे तक |
| ओवरटाइम दर | साधारण वेतन का दोगुना (कई मामलों में सीमित) | साधारण वेतन का दोगुना (ड्राफ्ट में स्पष्ट) |
| वेतन घटक | आमतौर पर मूल वेतन पर गणना | नई संहिता में परिभाषित “वेतन” पर (भत्ते शामिल होने की संभावना) |
📌 सारांश : विभिन्न प्रावधानों की वर्तमान स्थिति (उत्तर प्रदेश)
| प्रावधान | स्थिति | प्रभावी तिथि / समयसीमा |
|---|---|---|
| महिला रात्रि पाली | ✅ लागू | दिसंबर 2025 |
| ग्रेच्युटी (1 वर्ष) | ✅ लागू | 2025‑2026 |
| नियुक्ति पत्र | ✅ लागू | दिसंबर 2025 |
| ओवरटाइम नियम (विस्तृत) | 📄 प्रारूप चरण | प्रारूप 10 मार्च 2026 जारी; अंतिम अधिसूचना शीघ्र |
⚖️ “12 घंटे” और “11 घंटे” में अंतर क्यों? (महत्वपूर्ण – UP में)
लेकिन यह सभी कर्मचारियों के लिए एक समान नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ सेक्टरों को विशेष छूट दी है, जबकि सामान्य प्रतिष्ठानों पर अलग सीमा लागू होती है।
- 🖥️ आईटी / आईटीईएस (नोएडा, लखनऊ सहित) – 12 घंटे :
सितंबर 2024 में जारी अधिसूचना के तहत आईटी और आईटीईएस कंपनियों को शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की धारा 6 व 7 से छूट दी गई। इसके तहत ये कंपनियाँ कर्मचारियों से 12 घंटे तक काम ले सकती हैं। यह छूट सितंबर 2026 तक वैध है। - 🏬 बाकी सभी प्रतिष्ठान (दुकानें, सामान्य ऑफिस, सर्विस सेक्टर, हॉस्पिटल आदि) – 11 घंटे :
नवंबर 2025 में लागू किए गए नए शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में अधिकतम दैनिक कार्य सीमा (ओवरटाइम सहित) 11 घंटे निर्धारित की गई है। यह सामान्य नियम है और सभी गैर-आईटी व्यवसायों पर लागू होता है।
✅ निष्कर्ष : यदि आप आईटी/आईटीईएस क्षेत्र में कार्यरत हैं, तो अधिकतम दैनिक सीमा 12 घंटे है। अन्य सभी कर्मचारियों (फैक्ट्री, दुकान, सेवा क्षेत्र) के लिए ओवरटाइम सहित अधिकतम 11 घंटे प्रति दिन होगी। दोनों ही स्थितियों में ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर पर होगा।
📋 अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन एवं योजनाएँ
🔹 50% बेसिक वेज नियम : कर्मचारी की कुल सैलरी (CTC) में मूल वेतन (basic pay) कम से कम 50% होना अनिवार्य किया गया है। इससे भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी एवं अन्य लाभ बढ़ेंगे।
🔹 रजिस्टरों में कमी : पहले 78 रजिस्टर रखने होते थे, अब केवल 8 डिजिटल रजिस्टर ही आवश्यक हैं। व्यवसायों का अनुपालन बोझ घटा।
🔹 निरीक्षक से सहायक की भूमिका : श्रम निरीक्षक अब “फैसिलिटेटर” हैं। पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा, अचानक छापेमारी नहीं होगी।
🔹 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच : 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों की वार्षिक निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच कराना नियोक्ता का दायित्व होगा।
🔮 आगे क्या होगा?
ड्राफ्ट उत्तर प्रदेश वेतन संहिता नियमावली, 2026 (10 मार्च 2026) के राजपत्र में प्रकाशित होते ही ओवरटाइम की नई संरचना पूरे राज्य में लागू हो जाएगी। उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके बाद सभी प्रतिष्ठानों (फैक्ट्री, दुकान, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान) के लिए एक समान ओवरटाइम सीमा 144 घंटे प्रति तिमाही और दोगुना वेतन लागू होगा, हालाँकि आईटी सेक्टर को सितंबर 2026 तक 12 घंटे की विशेष छूट जारी रहेगी।
📌 राज्य स्तर पर विविधता : ध्यान रखें कि हर राज्य ने अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग नियम बनाए हैं। यह जानकारी विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पर आधारित है। यदि आप किसी अन्य राज्य में कार्यरत हैं, तो वहाँ के स्थानीय श्रम विभाग के नियमों की पुष्टि अवश्य कर लें।
⚖️ शिकायत और मदद
यदि कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है (जैसे OT का पैसा न देना, सुरक्षा में चूक, महिला कर्मचारियों को रात्रि पाली में सुविधाएँ न मिलना आदि), तो आप निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
- SAMADHAN Portal: samadhan.labour.gov.in – केंद्रीय श्रम मंत्रालय का ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल।
- Helpline: 14434 (e-Shram सहायता) और 155214 (UP श्रम विभाग हेल्पलाइन)।
- श्रम विभाग UP: अपने नजदीकी जिले के सहायक श्रम आयुक्त (ALC) कार्यालय में लिखित शिकायत दें। साथ ही, ऑनलाइन शिकायत के लिए UP Labour Department portal (upcare.up.nic.in) का उपयोग कर सकते हैं।
सुझाव: शिकायत करते समय अपने नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और संबंधित दस्तावेज़ सुरक्षित रखें।
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