विशेषज्ञों के मुताबिक, हल्की मात्रा में ऐसी प्याज खाना तुरंत नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन अगर यह फफूंदी अंदर तक पहुंच चुकी है, तो इसमें माइकोटॉक्सिन नामक जहरीला तत्व बन सकता है। यह टॉक्सिन पकाने से भी नष्ट नहीं होता और लिवर व किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ. संतोष जैकब चेतावनी देते हैं कि बुजुर्ग, बीमार या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, वे अगर ऐसी प्याज खा लें तो उन्हें उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस की तकलीफ या संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।



